Essay on women empowerment India in Hindi, Mahila Sashaktikaran Essay, Mahila Sashaktikaran Par Nibandh, महिला सशक्तिकरण निबंध
                           
अविस्मरणीय काल से भारत में महिलाओं को उचित स्थान मिला है | प्राचीन काल में महिलाओं को देवी माना जाता था और उन्हें यज्ञ में भाग लेने की अनुमति थी | यदा – कदा महिलाएँ शासन चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी | 
Women Empowerment
 Essay on Women Empowerment


मध्यकालीन भारत में लम्बे समय तक महिलाओं की स्थिति दयनीय रही और उन्हें वस्तु माना जाता था या मनोरंजन का साधन माना जाता था

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद महिलाओं की स्थिति में काफी सुधार आया है | सरकार ने महिलाओं को ससक्त करने के लिए कई कदम उठाया है | आजकल महिलाएँ  शिक्षा, रक्षा राजनीती तथा अन्य क्षेत्रो में  अग्रणी  है |

महिलाओं को ससक्त करने के लिए पंचायत तथा निकाय में महिलाओं के लिए 50% जगह आरक्षित है | सरकार ने कामकाजी महिला अधिनियम पारित किया | राज्य तथा देश में महिला आयोग का गठन किया गया है जहाँ पर महिलाएँ  अपनी आवाज बुलंद कर सकती है | लोकसभा तथा विधान सभा में 33% आरक्षण से संबंधित विधेयक संसद में लंबित है तथा इसे शीघ्र पारित होने की आशा है | 

प्रत्येक शहर में महिला थाना की व्यवस्था की गई है जहाँ पर महिलाएँ अपनी शिकायत दर्ज कर सकती है | तीन तलाक पर सरकार ने विधेयक लोकसभा से पारित करवा लिया है और अब यह राज्य सभा में अटका हुआ है | आशा की जाती है अगले सत्र में इसे पारित करवा लिया जायेगा |


सरकार ने प्रयास के बावजूद महिलाओं की स्थिति में बहुत बड़ा बदलाव नहीं आया है | महिलाओं को दहेज़प्रथा, तीन तलाक, घरेलू शोषण का सामना करना पड़ रहा है | अभी भी लोग लड़का-लड़की तथा स्त्री-पुरुष में भेदभाव करते है | महिलाओं को पर्दे के पीछे रहने के लिए मजबूर किया जाता है | 

उनकी साक्षरता दर दयनीय है | उन्हें फैसला लेने का अधिकार नहीं है और आर्थिक मामलो में कोई भी निर्णय लेने से पहले पुरुष महिलाओं की सहमती लेना जरुरी नहीं समझते है | उन्हें अबला समझा जाता है | 

हमारे देश में सामूहिक बलात्कार की घटनाएँ उत्तरोतर बढ़ती जा रही है | ऐसी स्थिति हमारे देश की छवि को घूमिल कर रही है | कुल मिलाकर हमारे देश में महिलाओं की स्थिति संतोषजनक है लेकिन महिलाओं के लिए जो कानून बनाए गए है उनको सख्ती से लागू किया जाना आवश्यक है | 



कानून अपने आप में तब तक प्रभावशाली नहीं होगा जब तक लोग इसे मानने के लिए मजबूर न हो जाए | अभी भी कुछ कदम उठाया जाना वांछित है जैसे की आर्थिक क्षेत्रो में महिला की भागीदारी को बढ़ाना होगा | 

महत्वपूर्ण मामलो में महिलाओं को निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए | महिलाओं को मिलने वाला 33% आरक्षण जो वर्षो से संसद में लंबित है उसे अति शीघ्र पारित किया जाना चाहिए | ससक्त महिला से ससक्त भारत बनेगा और दुनिया में हमारा स्थान पहला होगा |  
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