आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Yojana) या मोदीकेअर (Modicare) विश्व की सबसे बड़ी सरकारी वित्पोषित स्वास्थ्य बीमा योजना है | जिसकी घोषणा भारत सरकार की 1 फरवरी 2018 के आम बजट में की गई | जिसकी शुरुआत 14 अप्रैल 2018 को बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर छतीसगढ़ के बीजापुर में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की पहली हेल्थ सेंटर का शुभारम्भ की गई |

Ayushman Bharat Yojana
Ayushman Bharat Yojana

इस योजना की पहली चरण में देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को प्रतिवर्ष 1 से 5 लाख तक की स्वास्थ्य बीमा की जाएगी | बाद में इस योजना से देश की बाकि बची आबादी को जोड़ा जायेगा |

इस बड़ी योजना सुझाव नीति आयोग ने दी थी | नीति आयोग ने देश में ‘यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज’  द्वारा देश के 25 करोड़ परिवारों तक स्वास्थय बीमा सुविधा देने का सुझाव दिया था | लेकिन उसमें अधिक खर्च होने के कारण आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की गई |


इस योजना के दो भाग है :-

1. राष्ट्रीय स्वास्थ सुरक्षा योजना :- इसमें द्वितीयक और तृतीयक श्रेणी के अस्पतालों में भर्ती रोगियों को 1 से 5 लाख तक बीमा लाभ मिलेगा | जिससे 50 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा |

जबकि वर्तमान राष्ट्रीय स्वास्थ बीमा योजना के तहत गरीब परिवारों मात्र 30 हजार रूपए का सालाना कवरेज मिलता है | राज्यों के पास इस योजना अपनाने के लिए ट्रस्ट मॉडल या बीमा कंपनी आधारित मॉडल अपनाने का विकल्प होगा | लेकिन ट्रस्ट मॉडल को प्राथमिकता दी जाएगी | इस योजना के लिए 2 हजार करोड़ रूपए इस वर्ष आवंटित किया गया है |

2. हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर :- इसके तहत पूरे देश में 1.5 लाख हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर खोले जायेंगे | इन केन्द्रों पर आवश्यक दवाईयां और जाँच सुविधा मुफ्त में प्रदान की जाएगी | इसके अलावा यहाँ पर मातृ- शिशु देखभाल एवम् गैर-संक्रामक बीमारियों की भी देखभाल होगी | इस योजना के लिए 1200 करोड़ रूपए आवंटित किया गया है |

इस योजना की लाभार्थियों की पहचान ‘सामाजिक आर्थिक जाती जनगणना 2011’ के आधार पर होगी | इस योजना के तहत अनुशंसित रकम को लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए कैशलेश मॉडल अपनाया जायेगा |  


इस योजना के जरुरत क्यों पड़ी 


भारत को विकास करने हेतु एक स्वस्थ भारत की भी आवश्यकता है | परन्तु स्वतंत्रता के दशकों बाद स्वंय को वैश्विक स्वास्थ के नक्शे पर सफलता पूर्वक स्थापित करने के बाद भी भारत स्वास्थ सबंधी चुनौतियो का सामना कर रहा है |

यह एक विरोधाभास ही है कि भारत विकसित देशों को चिकित्सा  पर्यटन मुहैया कराने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों की 70% आबादी गुणवतापूर्ण चिकित्सा से वंचित है | देश के अधिकतम परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने के बाद ईलाज कराने के लिए उधार लेना पड़ता है या सम्पतियां बेचनी पड़ती है |

नेशनल हेल्थ पालिसी डॉक्यूमेंट के अनुसार भारत में 6.3 करोड़ से ज्यादा लोग स्वास्थ पर सामर्थ्य से ज्यादा व्यय करने के कारण प्रती वर्ष गरीबी में धकेले जाते है |
इन्हीं सब चुनौतियों का सामना करने के लिए आयुष्मान भारत योजना लाई गई है | यह योजना सुनिश्चित करेगा की देश में स्वास्थ पर क्षमता से ज्यादा व्यय के कारण कोई भी नागरिक गरीबी के दलदल में नहीं धसेगा |

अर्थात ऐसा देश जहाँ कोई भी नागरिक पैसों की कमी के कारण गुणवतापूर्ण चिकित्सा से वंचित नहीं रहेगा |

अतः भारत सरकार (Indian Government) द्वारा उठाया गया यह एक सराहनीय कदम हैजो आगे चल कर भारत के लोगों के स्वास्थ्य के लिए आयुष्मान भारत योजना वरदान साबित होगी। |


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